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Full text of "Bihar Gazette, 2016-07-08, No. 582"

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निबंधन संख्या पी0टी0 - 40 


सत्यमेव जयते 


बिहार गजट 


__ असाधारण अंक 
बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित 


___ 17 आषाढ़ 1938 ( श० ) 
पटना , शुक्रवार , 8 जुलाई 2016 


( सं0 पटना 582) 


जल संसाधन विभाग 


अधिसूचना 

27 अप्रील 2016 
सं0 22 / निसिo( दर ) - 16 - 02 / 2006 ए / 713 - श्री बबन पाण्डेय , तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता , 
पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल , केवटी द्वारा अपने उक्त पदस्थापन अवधि में बरती गई कतिपय अनियमितताओं के 
संबंध में मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग , दरभंगा से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में मामले के समीक्षोपरान्त 
विभागीय पत्रांक 130 दिनांक 21.01. 10 द्वारा श्री पाण्डेय से स्पष्टीकरण पूछा गया । श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित 
स्पष्टीकरण के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । सम्यक समीक्षोपरान्त श्री पाण्डेय के विरूद्व बिहार 
सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 19 के तहत विभागीय कार्यवाही 
संचालित करने का निर्णय लिया गया । 

विभागीय कार्यवाही संचालन संबंधी पत्र निर्गत होने के पूर्व दिनांक 30. 06.11 को श्री पाण्डेय सेवानिवृत हो 
गये । अतः विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 1622 दिनांक 28.12.11 द्वारा श्री पाण्डेय के विरूद्ध बिहार पेंशन 
नियमावली के नियम 43 (बी0 ) के तहत आरोप पत्र प्रपत्र क गठित करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित किया 
गया । 

आरोप सं0 - 1 - विभागीय भंडारित सामग्रियों का भंडार लेखा एवं निर्माण कार्य स्थल लेखा के संधारण में 
अनियमितता बरतने की जाँच हेतु गठित समिति को जाँच कार्य में आवश्यक सहयोग नहीं किये जाने के कारण 
जाँच कार्य नहीं हो पाया । स्मारित किये जाने के बावजूद जाँच समिति को लेखा उपलब्ध नहीं कराया गया । उक्त 
आरोप के लिए आपके द्वारा सहायक अभियंता / कनीय अभियंता को उत्तरदायी बनाया गया है । परन्तु उनके द्वारा 
लेखा समर्पित नहीं किये जाने के लिए उन पर आपके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है । जिससे प्रमाणित होता है 
कि जाँच समिति के जाँच कार्य में असहयोग करने में आपकी सहभागिता है जिसके लिए आप दोषी हैं । 

आरोप सं0 - 2 - प्रमण्डलीय प्रांगण में अवस्थित निरीक्षण भवन एवं अन्य संरचानाओं का सम्पोषण कार्य 
प्रभारी पदाधिकारी के द्वारा न किये जाने के कारण परिस्थितिवश एवं कार्यहित में सहायक अभियंता ( यांत्रिक ) से 
कराने की बात स्पष्टीकरण में कही गई है । जबकि नियमानुसार आपको कार्य के प्रभारी सहायक अभियंता के द्वारा 
कार्य सम्पादित न करने के लिए उनके विरूद्ध कार्रवाई करने के पश्चात एवं इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दिये 
जाने के पश्चात ही कार्य किसी अन्य पदाधिकारी से कराया जाना चाहिए था । जो कि आपके द्वारा नहीं किया गया 
है । अतः इसके लिए आप दोषी हैं । 

विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया । जाँच प्रतिवेदन 
में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री पाण्डेय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सं0 1 प्रमाणित नहीं पाया गया जबकि आरोप 


बिहार गजट ( असाधारण ) , 8 जुलाई 2016 
सं0 2 प्रमाणित पाया गया । प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । सम्यक समीक्षोपरान्त 
श्री पाण्डेय के विरूद्ध प्रतिवेदन आरोप सं0 1 के संदर्भ में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति व्यक्त 
किया गया । 

असहमति का कारण - श्री पाण्डेय द्वारा लेखा संधारण एवं समर्पण हेतु सहायक अभियंता से कई 
पत्राचार किया गया तथा अधीनस्थ अभियंता से सहायक अभियंता को निदेशित करने हेतु अनुरोध भी किया गया । 
इसके बावजूद फलाफल शून्य रहने की स्थिति में कार्यपालक अभियंता के नियमानुकूल अपने दायित्व का निर्वहन 
करते हुए संबंधित सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के विरूद्ध आरोप पत्र गठित कर अग्रेतर कार्रवाई हेतु उच्च 
पदाधिकारियों से अनुरोध करना चाहिए था जो श्री पाण्डेय द्वारा नहीं किया गया । अतः दायित्वों का निर्वहन एवं 
कार्य के प्रति लापरवाही का आरोप प्रमाणित पाया गया । 

आरोप सं0 - 2 जो निरीक्षण भवन एवं अन्य संरचनाओं के प्रभारी सहायक अभियंता द्वारा कार्य सम्पादित न 
करने के लिए उनके विरूद्ध कार्रवाई नहीं करने एवं उच्च पदाधिकारी को बिना सूचना दिये ही किसी अन्य 
पदाधिकारी से कार्य कराने से संबंधित है, को संचालन पदाधिकारी द्वारा साक्ष्य के अभाव में प्रमाणित माना गया । 
समीक्षा में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमति व्यक्त की गई । 

___ जाँच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दु एवं प्रमाणित आरोप के लिए श्री पाण्डेय से द्वितीय कारण पृच्छा 
करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया । 

उक्त के निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 1455 दिनांक 30 .09 .14 द्वारा श्री पाण्डेय से द्वितीय कारण 
पृच्छा किया गया । 

श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । सम्यक 
समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री पाण्डेय द्वारा बचाव बयान में आरोप से संदर्भित कोई तथ्य नहीं रखा गया । मात्र 
बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 ( बी0 ) तथा सामान्य प्रशासन विभाग , बिहार सरकार के संकल्प सं0 3 / ए 
एम - 91 / 2011 / 1893 दिनांक 14. 06 .11 का उल्लेख करते हुए विभागीय कार्यवाही को कालबाधित श्रेणी में मानते 
हुए मामले को संचिकास्त करने का अनुरोध किया गया । जबकि पूर्व में संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत बचाव 
बयान में श्री पाण्डेय द्वारा आरोप संदर्भित तथ्य रखा गया । नियम 43 (बी0 ) के संदर्भ में संचालन पदाधिकारी द्वारा 
भी विभागीय कार्यवाही को कालबाधित नहीं माना गया । नया तथ्य एवं साक्ष्य के अभाव में मामले के समीक्षोपरान्त 
श्री पाण्डेय के विरूद्ध आरोप सं0 - 1 जाँच समिति को लेखा उपलब्ध नहीं कराना तथा अधीनस्थ पदाधिकारी के 
विरूद्ध कार्रवाई नहीं कर अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने तथा आरोप सं0 2 बिना उच्चाधिकारी को सूचना 
दिये एवं अनुमति प्राप्त किये ही एक अवर प्रमण्डल का कार्य दूसरे अन्य अवर प्रमण्डल पदाधिकारी से मनमाने ढंग 
से कार्य कराने के लिए दोषी पाया गया । प्रमाणित आरोप के लिए श्री पाण्डेय के विरूद्ध निम्न दण्ड अधिरोपित 
करने का निर्णय लिया गया 

"पेंशन से पाँच (5 ) प्रतिशत की कटौती एक वर्ष के लिए | 

सरकार के निर्णय के आलोक में श्री बबन पाण्डेय , तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर 
प्रमण्डल , केवटी सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध "पेंशन से पाँच (5 ) प्रतिशत की कटौती एक वर्ष के लिए " का दण्ड 
अधिरोपित किया जाता है । 

उक्त दण्ड श्री पाण्डेय को संसूचित किया जाता है । 
सरकार के उक्त निर्णय में बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है । 

बिहार - राज्यपाल के आदेश से, 

गजानन मिश्र , 
सरकार के संयुक्त सचिव । 


अधीक्षक , सचिवालय मुद्रणालय , 
बिहार , पटना द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित । 
बिहार गजट ( असाधारण ) 582- 571 + 10- डी0टी0पी0 । 

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